चारधामों में तय दूरी तक मोबाइल पर रहेगा प्रतिबंध – द्विवेदी

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देहरादून। श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के लिए अभी तक 6.18 लाख तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण करवा लिए हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के लिए अभी से तैयारियों को बेहतर बनाया जा रहा है। बताया कि धामों में निर्धारित दूरी तक मोबाइल प्रतिबंध किए जाने, रील तथा फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी पर रोक रहेगी।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए द्विवेदी ने कहा कि उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के तहत 16 मार्च तक 6 लाख 17 हजार 853 तीर्थयात्रियों ने दर्शनों के लिए पंजीकरण करवा लिए हैं। इसके तहत केदारनाथ धाम के लिए 2 लाख 6 हजार 622, बदरीनाथ धाम के लिए 1 लाख 82 हजार 212, गंगोत्री के लिए 1 लाख 15 हजार 763 तथा यमुनोत्री धाम के लिए 1 लाख 13 हजार 256 श्रद्धालुओं ने दर्शनों के लिए पंजीकरण करवाया है। उन्होंने बताया कि शीतकाल में भी पूजा स्थलों पर श्रद्धालु दर्शनों को पहुंचे हैं।

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चारधाम यात्रा तैयारियों से संबंधित सवाल के जबाव में बीकेटीसी अध्यक्ष ने बताया कि यात्रा से पूर्व सभी तैयारियां समय से पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इस साल होने जा रही यात्रा में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने बताया कि 10 मार्च को बीकेटीसी बोर्ड बैठक में गैरसनातनियों के प्रवेश का प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित किया गया है। बीकेटीसी की बजट बैठक में आगामी 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए 121 करोड़ 7 लाख से अधिक का बजट पारित किया गया है। इसके तहत बदरीनाथ धाम के लिए 57 करोड़ 47 लाख तथा केदारनाथ अधिष्ठान के लिए 63 करोड़ 60 लाख 59 हजार के बजट का प्रावधान किया गया है। बताया कि ऋषिकेश स्थित ट्राजिंट कैंप में मंदिर समिति का कैंप आफिस खुलेगा। तीर्थ पुरोहितों के हितों के लिए तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष स्थापना का निर्णय लिया गया है।

द्विवेदी ने बताया कि धामों में निर्धारित दूरी तक मोबाइल प्रतिबंध किए जाने, रील तथा फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी पर रोक रहेगी। यात्रा एवं दर्शन एसओपी पर विचार किया जा रहा है। मंदिर परिसर, दर्शन रेलिंगों की मरम्मत, रंग रोगन, पेयजल, विद्युत, स्वच्छता, विश्राम गृहों में आवासीय व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है। ऑनलाइन पूजा तथा मंदिर समिति के वेब साइड को और अधिक व्यवस्थित किया जा रहा है। मंदिरों के जीर्णोद्वार तथा यात्रा पूर्व रख रखाव, विज्ञापन नीति और कर्मचारियों के स्थानांतरण की नीति लागू की जा रही है। इस दौरान बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कपरवाण, सदस्य प्रल्हाद पुष्पवाण, मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ आदि मौजूद रहे।

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