राज्य आंदोलनकारी को भी देना पड़ रहा पहाड़ी होने का सबूत, उत्तराखंड SIR में नया विवाद – Khabar Uttarakhand

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उत्तराखंड में एसआईआर(Uttarakhand SIR) अभियान के दौरान आ रहे नोटिस ने आम लोगों की नींद उड़ा दी है। जहां एक तरफ विवाहित महिलाओं को सरनेम पर नोटिस दिए जा रहे हैं। वहीं अब राज्य आंदोलनकारीयों को भी नोटिस देकर ये साबित करने कहा जा रहा है कि वो उत्तराखंडी हैं।

उत्तराखंड में चल रहा SIR

दरअसल इन दिनों उत्तराखंड में चल रहे SIR अभियान लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि कई जिलों में बड़ी संख्या में लोगों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसी बीच सबसे ज्यादा चर्चा उस मामले की हो रही है जिसमें उत्तराखंड राज्य आंदोलन से जुड़ी मुन्नी तिवारी को नोटिस मिलने की बात सामने आई है।

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राज्य आंदोलनकारी मुन्नी तिवारी को मिला नोटिस

नैनीताल की रहने वाली राज्य आंदोलनकारी मुन्नी तिवारी ने अलग राज्य उत्तराखंड बनाने के लिए नारे लगाए। पुलिस की लाठियां खाईं, और अपनी आवाज़ से दूसरों को आंदोलन से जोड़ा। आज उन्हीं मुन्नी देवी को नोटिस देकर खुद को उत्तराखंड का वोटर साबित करने के लिए कहा जा रहा है।

उत्तराखंड की हजारों बेटियों को नोटिस जारी

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो SIR की इस भूलभुलैया में उत्तराखंड की हजारों बेटियां फंसती दिख रही हैं। काफी जिलों में बड़ी संख्या में नोटिस जारी किए गए हैं। जिनमें शादीशुदा महिलाओं के मामले सबसे ज्यादा सामने आए हैं। इन महिलाओं के शादी के बाद सरनेम बदल गए हैं। इन महिलाओं के पुराने रिकॉर्ड में मायके का सरनेम है। अभी के दस्तावेजों में पति का सरनेम दर्ज है। जिसके चलते सिस्टम ने इन्हें शक के दायरे में डाल दिया और इन्हें नोटिस जारी हुए।

नैनीताल की रहने वाली है मुन्नी तिवारी

यानी की शादी ही अब महिलाओं के मताधिकार के लिए खतरा बन गई है। मुन्नी तिवारी की बात करें तो वो नैनीताल की रहने वाली है। उत्तराखंड की राज्य आंदोलनकारी नशे के खिलाफ लड़ीं, रोजगार के लिए लड़ीं, महिलाओं के हक के लिए सड़क पर उतरीं।

राज्य आंदोलनकारी को भी देना पड़ रहा पहाड़ी होने का सबूत

जब अलग उत्तराखंड राज्य की मांग उठी, तो मुन्नी तिवारी उस मांग की एक ज़िंदा आवाज़ थीं। जब उत्तराखंड बना तो उसकी नींव में मुन्नी तिवारी जैसी औरतों का संघर्ष भी था। लेकिन आज उसी उत्तराखंड में उनहें अपनी पहचान साबित करने के लिए कहा जा रहा है जो काफी ज्यादा हैरान कर देने वाला है।

एक व्यक्ति छह मतदाताओं का पिता

राज्य आंदोलनकारी मुन्नी तिवारी के अलावा एक और मामला चर्चा में है। जहां रिकॉर्ड में एक ही व्यक्ति को छह अलग-अलग मतदाताओं ने अपना पिता दर्ज करवा रखा है। अब निर्वाचन विभाग ने उस एक व्यक्ति को और उन सभी छह मतदाताओं को नोटिस भेज दिया है।

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