उपचुनाव नतीजे ने बढ़ाई उत्तराखंड BJP की टेंशन, पार्टी को मिल सकता है झटका – Khabar Uttarakhand

Advertisement

तीन राज्यों में हुए उपचुनाव और उसके नतीजों ने बीजेपी की टेंशन बढ़ा दी है। अपनी जीत को लेकर आश्वस्त रहने वाली पार्टी के माथे पर बल ला दिया है, क्योंकि जो परिणाम सामने आए उसने ना सिर्फ बीजेपी का प्रेशर बढ़ाया है बल्कि कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

उत्तराखंड में पड़ सकता है उपचुनाव परिणाम का असर?

दरअसल 6 महीने बाद उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं जिसके लिए बीजेपी की तैयारी जोरों पर है। तीसरी बार हैट्रिक लगाने के लिए पार्टी एड़ी चोटी का जोर लगाती दिख रही है लेकिन तीन राज्यों के उपचुनाव के नतीजों ने ट्रेंड बदल दिया है। इतनी मेहनत के बाद भी बीजेपी की हार इसे खुद पार्टी भी पचा नहीं पा रही। सवाल उठ रहा है कि उपचुनाव के परिणाम का असर आखिर उत्तराखंड के चुनाव में कितना असर डालने वाला है।

Advertisement
Advertisement

बीजेपी से दूर हो रहे युवा मतदाता

बता दें गुजरात को छोड़कर मध्यप्रदेश और बिहार से जो परिणाम सामने आया है उसने साफ संदेश दिया है कि यहां के वोटर्स की नाराजगी बीजेपी के खिलाफ रही और विपक्ष को विकल्प के तौर पर जनता ने चुना है। युवा आंदोलन के बाद ये पहला चुनाव था जहां युवाओं को अपनी ताकत का ऐसहास कराने का मौका मिला। इसे युवाओं ने बखूबी इस्तेमाल भी किया।

उत्तराखंड में नहीं पड़ेगा उपचुनाव का असर: BJP

वहीं उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि अब जनता भी बीजेपी की चाल समझ चुकी है। चुनाव में भी सिर्फ जनता को ठगने का काम बीजेपी करती है। वहीं बीजेपी के प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार का कहना है कि उपचुनाव के परिणाम का उत्तराखंड पर कोई असर नहीं पड़ने वाला क्योंकि उत्तराखंड में सगंठन मजबूती के साथ काम कर रहा है।

गौर करने वाली बात ये है कि जहां तीन राज्यों में उपचुनाव हुए उन तीनों ही राज्यों में बीजेपी की सरकार है बावजूद इसके गुजरात को छोड़ 2 राज्यों में बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा। बिहार में तो ये मानिए कि बीजेपी के गढ़ में ही सेंधमारी कर डाली। जो 30 सालों से बीजेपी की सीट थी वहां पार्टी को करारा झटका लगा है। बांकेपुर सीट से जीतना बीजेपी के साख की बात थी। क्योंकि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की ये सीट रही है, लेकिन पार्टी इसे जीतने में असफल रही। अब उपचुनाव परिणाम का ये बदला पैट्रेन बीजेपी को टेंशन दे रहा है।

भले ही बीजेपी दावा करे कि इन परिणामों का असर आगामी चुनाव पर नहीं पड़ने वाला लेकिन अंदरखाने बीजेपी नेताओं की हार्टबीट बढ़ रही है क्योंकि उत्तराखंड उपचुनाव की भी बात करें तो मंगलौर हो या फिर बद्रीनाथ सीट दोनों जगह कांग्रेस ने जीत हासिल की। ऐसे में उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सत्तधारी पार्टी बीजेपी पर प्रेशर बढ़ गया है। वहीं युवा आंदोलन ने तो बीजेपी की चुनौती को डबल कर दिया है।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement