कैंची धाम में बढ़ती भीड़ पर CM धामी का बड़ा संदेश,रजिस्ट्रेशन से लेकर रोपवे तक पर फोकस

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कैंची धाम में बढ़ती भीड़ पर CM धामी का बड़ा संदेश, रजिस्ट्रेशन होगा अनिवार्य, रोपवे पर भी चल रहा सर्वे

हल्द्वानी/नैनीताल। उत्तराखंड के प्रसिद्ध कैंची धाम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या और पर्यटन सीजन के दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महत्वपूर्ण संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था को अनिवार्य किया जा सकता है। इसका उद्देश्य बढ़ती भीड़ को व्यवस्थित करना और श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी राहत देना है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंची धाम में बाबा नीम करौली महाराज के दर्शन के लिए प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बाबा की महिमा दुनिया भर में फैली हुई है और बड़ी संख्या में भक्त उनके दर्शन करने उत्तराखंड आ रहे हैं।वहीं, उत्तराखंड में पर्यटन गतिविधियां अब केवल कुछ महीनों तक सीमित नहीं रह गई हैं। प्रदेश में सालभर पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में बढ़ती भीड़ के बीच यातायात, पार्किंग और आवागमन की बेहतर व्यवस्था करना प्रशासन के लिए अहम चुनौती बनता जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या के कारण पहाड़ के स्थानीय निवासियों को आवागमन में परेशानी नहीं होनी चाहिए। स्थानीय लोगों को अपने कामकाज और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए यात्रा करनी पड़ती है, इसलिए ऐसी व्यवस्थाएं बनाना जरूरी है, जिससे पर्यटन भी सुचारु रहे और स्थानीय जनता को भी दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

रोपवे परियोजना पर भी नजर

कैंची धाम क्षेत्र में बढ़ते पर्यटन दबाव को देखते हुए रोपवे की संभावनाओं और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी सर्वे किया जा रहा है। रोपवे जैसी वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था भविष्य में यातायात के दबाव को कम करने में मददगार हो सकती है। हालांकि, परियोजना की प्रगति, तकनीकी पहलुओं और इसके क्रियान्वयन से जुड़ी आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही इसकी स्थिति स्पष्ट होगी।अब बड़ा सवाल यही है कि कैंची धाम में रजिस्ट्रेशन व्यवस्था कब लागू होगी और रोपवे परियोजना को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाएगा? आने वाले समय में इन व्यवस्थाओं का असर श्रद्धालुओं की यात्रा, स्थानीय लोगों की आवाजाही और पूरे कुमाऊं के पर्यटन प्रबंधन पर देखने को मिल सकता है।

 

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