हल्द्वानी में डीपीसी चुनाव पर घमासान, पार्षदों ने की निरस्त कर दोबारा चुनाव कराने की मांग

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– नगर आयुक्त को सौंपे ज्ञापन में अधिकारियों पर मनमानी का आरोप

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– निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग, न्यायालय जाने की चेतावनी

हल्द्वानी। नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम में जिला योजना समिति (डीपीसी) के चुनाव को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। चुनाव प्रक्रिया में अनियमितता और मनमानी का आरोप लगाते हुए प्रभावित पार्षदों ने नगर आयुक्त से मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। पार्षदों ने चुनाव को निरस्त कर नियमानुसार पारदर्शी तरीके से दोबारा चुनाव प्रक्रिया शुरू कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है। 

इस संबंध में 14 अक्टूबर को नगर आयुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में पार्षदों ने आरोप लगाया कि डीपीसी चुनाव की सूचना उन्हें न तो लिखित रूप में दी गई और न ही फोन के माध्यम से कोई जानकारी उपलब्ध कराई गई। पार्षदों का कहना है कि उन्हें विश्वास में लिए बिना चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराना लोकतांत्रिक व्यवस्था और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है ज्ञापन में कहा गया है कि जिस चुनाव में पार्षदों को स्वयं प्रत्याशी बनने और मतदान करने का अधिकार था, उसी चुनाव की सूचना संबंधित पार्षदों को नहीं देना उनके लोकतांत्रिक अधिकारों की अनदेखी है। प्रभावित पार्षदों ने इस पूरे प्रकरण को गंभीर बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। 

पार्षदों ने नगर आयुक्त से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को देखते हुए डीपीसी चुनाव निरस्त कर नियमानुसार पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से दोबारा चुनाव कराया जाए। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि मामले में शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं हुई तो प्रभावित पार्षद अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय की शरण लेने को मजबूर होंगे। अब इस मामले में नगर निगम प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

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