हल्द्वानी। शहर में इंसानियत को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है। सुशीला तिवारी अस्पताल के मुख्य गेट के सामने एंबुलेंस पार्किंग के ठीक पीछे नहर में एक नवजात शिशु मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया।
मासूम को बचाने की उम्मीद में अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन
जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर एंबुलेंस कर्मियों की नजर नहर में पड़े नवजात पर पड़ी। इसके बाद तत्काल लोगों को सूचना दी गई और मासूम को बचाने की उम्मीद में अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।घटना के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर किसने इस नवजात को नहर में फेंका? क्या इसके पीछे कोई पारिवारिक मजबूरी थी, समाज और लोक-लाज का डर था या फिर कोई दूसरी वजह? हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है।
एक ओर जहां समाज में बेटियों और बच्चों के संरक्षण की बात होती है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की घटना हर संवेदनशील व्यक्ति को सोचने पर मजबूर कर देती है। यदि किसी परिवार के सामने बच्चे के पालन-पोषण को लेकर कोई मजबूरी थी, तो क्या किसी सुरक्षित विकल्प या मदद का रास्ता नहीं अपनाया जा सकता था?फिलहाल इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में इस मामले की सच्चाई सामने आती है या नहीं और इस मासूम की मौत के लिए जिम्मेदार व्यक्ति तक कानून के हाथ पहुंच पाते हैं या नहीं।












